What is Cancer?
शरीर की कुछ कोशिकाएं (cells) बिना जरूरत के और बिना किसी नियंत्रण के बार-बार बंटने (divide) लगती हैं और लगातार बढ़ती जाती हैं। इससे गांठ (tumor) बन जाती है, और अगर रोका न जाए तो ये दूसरी जगहों पर भी फैल सकती हैं — जिसे metastasis कहते हैंयह “uncontrolled and unnecessary growth” कहलाता है
“These cell need very high amount of energy” इनको बहुत ज्यादा मात्रा मे ऊर्जा चाहिए क्यूकी इनको जल्दी जल्दी अपनी कोशिकाओं को बांटना है |
So they will eat up the food of healthy cell “तो जो हेल्थी या ठीक कोशिकाएँ का भोजन कहा जाते है कैंसर सेल
Cancer symptoms:
Tumor :
शरीर के किसी हिस्से में कोशिकाओं की असामान्य और अनियंत्रित वृद्धि के कारण बनी गांठ (लंप) जब कोशिकाएं बिना जरूरत के बार-बार बंटने लगती हैं, तो वो एक जगह इकट्ठा होकर गांठ (mass) बना लेती हैं — इसी को Tumor कहते हैं।
Weight loss : अचानक अगर आप बिना किसी workout के आपका वजन काम हो रहा है तो ये कैंसर का कारण भी हो सकता है तो आप डॉक्टर से जरूर मिलें |
वजन कम हो जाना बिना किसी एक्सर्साइज़ के वजन का कम होना अब ये किस कारण से होता है जब कैंसर के सेल अपनी संख्या बढ़ाते है तो उन्हे अधिक मात्रा मे भोजन की या ऊर्जा की आवश्यकता होती है जिस वजह से वे हेल्थी सेल का भोजन खाने लगते है जिस वजह से वजन कम होने लगता है बिना किसी workout किए ये एक कैंसर का संकेत हो सकत है
Cancer causes ( कैंसर किन किन कारणों से होता है ?):
Stress: Stress लेने से भी कैंसर हो सकता है इसी लिए दोस्त तनाव मुक्त रहो |
तनाव लेने से भी कैंसर जैसी बीमारी हो सकती है
Smoking के दो प्रकार – एक्टिव और पैसिव स्मोकिंग
धूम्रपान (Smoking) दो प्रकार का होता है:
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एक्टिव स्मोकिंग (Active Smoking) – जब कोई व्यक्ति खुद सिगरेट, बीड़ी या अन्य तंबाकू उत्पादों का सेवन करता है, तो उसे एक्टिव स्मोकर कहा जाता है। उसका शरीर धीरे-धीरे इन ज़हरीले पदार्थों का आदि हो जाता है।
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पैसिव स्मोकिंग (Passive Smoking) – जब कोई व्यक्ति खुद तो धूम्रपान नहीं करता, लेकिन किसी धूम्रपान करने वाले के पास खड़ा रहता है और सिगरेट का धुआं सांस के साथ अंदर लेता है, तो वह पैसिव स्मोकर कहलाता है।
यह स्थिति ज़्यादा खतरनाक होती है क्योंकि उसका शरीर इन ज़हरीले रसायनों के लिए तैयार नहीं होता, फिर भी उसे वही नुकसान झेलना पड़ता है।
Smoking और Cancer का संबंध
सिगरेट के धुएँ में 7000 से अधिक रसायन (chemicals) पाए जाते हैं, जिनमें से 70 से ज्यादा कैंसर पैदा करने वाले (Carcinogenic) होते हैं।
इनमें से मुख्य हानिकारक रसायन होते हैं:
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निकोटिन (Nicotine) – लत लगाने वाला रसायन
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टार (Tar) – फेफड़ों को नुकसान पहुँचाने वाला रसायन
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बेंजीन (Benzene) और फॉर्मल्डिहाइड (Formaldehyde) – कैंसर पैदा करने वाले
👉 लंग कैंसर (फेफड़ों का कैंसर) सबसे आम है, लेकिन स्मोकिंग से मुंह, गला, पेट, लिवर और ब्लैडर जैसे कई अंगों के कैंसर भी हो सकते हैं।
UV Rays (अल्ट्रा वायलेट किरणें)
सूरज की रोशनी में मौजूद UV किरणें बहुत तेज़ और अदृश्य होती हैं। इनका हमारी त्वचा पर सीधा असर होता है:
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यह त्वचा की कोशिकाओं (skin cells) के DNA को नुकसान पहुंचाती हैं।
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लंबे समय तक धूप में बिना सुरक्षा (जैसे सनस्क्रीन, कपड़े, टोपी) के रहने से ये स्किन कैंसर का कारण बन सकती हैं।
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UV Rays से Sunburn, त्वचा झुलसना, समय से पहले बूढ़ा दिखना (wrinkles) भी होता है।
👉 UV Rays का सबसे खतरनाक असर है:
Melanoma (मेलानोमा) – त्वचा का सबसे घातक प्रकार का कैंसर।
X-Rays (एक्स-रे) – जरूरत के अनुसार सीमित उपयोग जरूरी
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X-Rays एक प्रकार की आयनाइजिंग रेडिएशन (Ionizing Radiation) है।
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यह शरीर के अंदर झांकने के लिए इस्तेमाल होती है – हड्डी टूटने, दाँत जांचने या सीटी स्कैन जैसे टेस्ट में।
👉 लेकिन ज्यादा मात्रा या बार-बार High Dose X-Rays / CT Scan / Radiation Therapy से कोशिकाओं का DNA टूट सकता है, जिससे कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।
X-Rays से जुड़े जोखिम:
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थायरॉइड कैंसर, ल्यूकेमिया (Blood Cancer) और बच्चों में अधिक जोखिम
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गर्भवती महिलाओं को X-Ray से बचना चाहिए, क्योंकि यह भ्रूण को नुकसान पहुंचा सकता है
REPETTAIVE DAMAGE TO CELL
ये एक ऐसी चीज होती है जैस काही लोगों को कहते है की इसने तो कभी SMOKING भी नहीं की इसे फिर भी कैंसर हो गया इसका कारण है की कही लोगों को पता नहीं होता है की इस चीज को खाने से मुझे एलर्जी है जैसे मान लो किसी व्यक्ति को पकोड़े खाने से एलर्जी है तो उसके पेट मे पकोड़े जाने से छील जाता है ओर ये उसे पता नहीं लगे गा तो ऐसे मे वो खुद से ठीक होगा वो दुबारा छील जाएगी फिर से ठीक होगी ये बार बार होने पर वह कैंसर हो सकता है इसे ही REPETTAIVE DAMAGE TO CELL कहते है
Pollutants
Pollutants जैसे माइक्रो प्लास्टिक उदाहरण के लिए जैसे हम ब्रश करते है तो समय के साथ हमारा ब्रश घिस जाता है तो अपने कभी सोचा है की वो ब्रश का घिसा हुआ हिस्सा कहा गया वो माइक्रो प्लास्टिक हमारे पेट मे गई है ओर जैसे आज कल प्लास्टिक की बोतल मे पानी भरते है तो ये भी माइक्रो प्लास्टिक है जो कैंसर का कारण बनता है माइक्रो प्लास्टिक ये हमारे देश के लिए भयानक है ओर हमारे देश मे पहले के समय मे कांसे के बर्तन इस्तेमाल किए जाते थे जो बहुत ही लाभ कारी थे ओर तांबे के बर्तन तो आज कल भी प्रोयोग मे लाए जाते है हमारे देश मे अंग्रेजों ने ये कह कर कांसे का बर्तन को बंद कर दिया थे की इन पर बिजली गिरती है ताकि वो जो स्टील का बर्तन लाए थे उनके वो बर्तन बिक सके खैर हमारा मकसद आपको ये अवगत करना था की प्लास्टिक को खाने पीने की चीजों मे कम ही इस्तेमाल करें |
ओर इन सब कारणों से DNA को हर दिन नुकसान पहुँचता है Body की Repair System उसे ठीक करने लगती है हमारे शरीर में एक Natural Repair Mechanism होता है जो DNA के टूटे हिस्से को पहचानकर ठीक करता है जब DNA बार-बार टूटता है और बार-बार repair होता है, तो कभी-कभी repairing में गलती हो जाती है जैसे कोई पुरानी किताब बार-बार सिलने पर उसके अक्षर बदल जाएं।
“जब कोई cell बार-बार टूटता है और बार-बार ठीक होता है, तो उस repairing में गलती हो सकती है। यही गलती जब gene में हो जाती है, तो उसे mutation कहते हैं। और यही mutation अगर control से बाहर हो जाए, तो कैंसर बन सकता है।”
Mutation के बाद क्या होता है? (What happens after Mutation?)
1. Mutated Cell खुद को divide करने लगता है (Uncontrolled Division)
Mutated gene का signal गलत हो सकता है —
अब cell को रोकने वाला “ब्रेक सिस्टम” काम नहीं करता, और वो तेज़ी से divide होने लगता है ओर जब cell division होता है तो Mutated Cell normal cell ya healthy cell का भोजन खाने लगते है जिससे शरीर कमजोर होना शुरू होता है ।
2. Tumor बनने लगता है (गांठ / mass बनना शुरू होता है)
जैसे-जैसे mutated cells की संख्या बढ़ती है, शरीर में एक जगह cells की गांठ बन जाती है — जिसे tumor कहते हैं।
आइए अब जानते है ब्रेस्ट कैंसर
What is Breast Cancer in Hindi
फीमैल के ब्रेस्ट मे सबसे ज्यादा फट होता है
ब्रेस्ट कैंसर यानी स्तन कैंसर एक ऐसी स्थिति है जिसमें स्तन की कोशिकाएं (breast cells) असामान्य रूप से बढ़ने लगती हैं और एक गांठ (tumor) बना लेती हैं। ये कैंसर शुरुआत में स्तन के अंदर ही रहता है, लेकिन समय रहते इलाज न हो तो यह शरीर के अन्य हिस्सों में भी फैल सकता है।
ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण (Symptoms):
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स्तन में गांठ या कठोर भाग
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निप्पल से असामान्य स्राव (जैसे खून या पीला द्रव)
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निप्पल का अंदर की ओर मुड़ना
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स्तन की त्वचा पर गड्ढे या सिकुड़न
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स्तन का आकार या रंग बदलना
- बगल में गांठ या सूजन
ब्रेस्ट कैंसर के कारण (Causes):
कारण | विवरण |
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🧬 Mutation | BRCA1, BRCA2 जैसे जीन में बदलाव |
👵 उम्र | 40 साल से ऊपर जोखिम बढ़ता है |
👨👩👧👧 पारिवारिक इतिहास | परिवार में किसी को ब्रेस्ट कैंसर होना |
🧴 हार्मोनल कारण | ज़्यादा एस्ट्रोजन हार्मोन |
🍔 गलत जीवनशैली | मोटापा, शराब, जंक फूड |
🚭 धूम्रपान और शराब | जोखिम बढ़ाता है |
🧬 Radiation | रेडिएशन के संपर्क में आना |
Cancer की रिपोर्ट पर क्या लिखा होता है
- कैंसर की report पर अगर कैंसर नहीं है (No Cancer / Normal Report): Benign Tumor” – मतलब ट्यूमर है, लेकिन कैंसर नहीं है
- अगर कैंसर है (Malignant Tumor): Malignant cells present” – कैंसर कोशिकाएँ पाई गईं
Treatments of cancers:
पहले जानते है की कैंसर मरीज के बाल क्यू नहीं रह जाते है
कैंसर के इलाज मे cytotoxic drug उसे किया जाता है जिसका काम है growling cell को मारना तो हमारे बाल भी तो fast growing सेल है जिस वजह से ये बाल नहीं रहते दूसरा male मे semen यानि वीर्य भी fast growing सेल होता है तो डॉक्टर कैंसर patient को सुझाव देते है की अगर आप unmarried हो तो आप अपने वीर्य को संरक्षित या preserve कर सकते है |
आइए अब जानते है कैंसर के इलाज के लिए कोन कोन सी treatments होते है ओर कोन सी “दवाइयाँ” होती है |
- surgery
- Radiotherapy
- Chemotherapy
- CAR-T Cell Therapy
- Targeted Therapy
- Hormone Therapy
- Bone Marrow / Stem Cell Transplant
- Cryotherapy
- Photodynamic Therapy (PDT)
- Immunotherapy
आइए अब जानते है की ये therapy कोन कोन सी होती है ओर कैसी की जाती है लेकिन उनसे ये जानते है की एक पोधा जिससे कैंसर ठीक हो सकता है |
सदाबहार का पोधा

सदाबहार का पौधा सिर्फ सजावटी नहीं है, बल्कि इसके अंदर कैंसर-रोधी यौगिक (anti-cancer compounds) पाए जाते हैं। इसमें दो मुख्य रासायनिक यौगिक हैं जो कैंसर के इलाज में उपयोगी हैं:
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विन्क्रिस्टीन (Vincristine)
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विन्ब्लास्टीन (Vinblastine)
ये यौगिक क्या करते हैं?
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Vincristine और Vinblastine शरीर में कैंसर कोशिकाओं के विभाजन (cell division) को रोकते हैं।
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ये दोनों दवाएं कीमोथेरेपी (Chemotherapy) में उपयोग होती हैं।
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विशेष रूप से इनका प्रयोग ल्यूकेमिया (Leukemia), हॉजकिन्स लिम्फोमा (Hodgkin’s lymphoma) और कुछ अन्य प्रकार के कैंसर में किया जाता है
⚠️ सावधानी:
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घर पर इस पौधे का सेवन करना खतरनाक हो सकता है। इसमें जहरीले तत्व भी होते हैं।
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केवल प्रमाणित चिकित्सकीय देखरेख में ही इससे बनी दवाओं का उपयोग करना चाहिए।
What is Chemotherapy ?
कीमोथेरेपी (Chemotherapy) एक प्रकार का कैंसर इलाज है जिसमें chemical का उपयोग यानि दवाइयाँ कैंसर कोशिकाओं को मारने या बढ़ने से रोकने की कोशिश की जाती है।
CAR-T Cell Therapy?
CAR का मतलब है: Chimeric Antigen Receptor। इस थेरेपी में रोगी की खुद की T-कोशिकाओं (T-Cells) को निकाला जाता है और उनके DNA को संशोधित (modify) करके उनमें CAR नामक विशेष रिसेप्टर जोड़ा जाता है।
इस प्रक्रिया से तैयार हुई CAR-T Cells को शरीर में वापस इंजेक्ट करने से पहले आमतौर पर कीमोथेरेपी दी जाती है, जिससे शरीर में कैंसर कोशिकाओं की संख्या घटाई जाती है और नई कोशिकाओं (CAR-T) के लिए जगह बनाई जाती है।
जब ये संशोधित T-Cells शरीर में वापस डाली जाती हैं, तो वे कैंसर कोशिकाओं को पहचानकर उन्हें नष्ट कर देती हैं, जैसे मानो कैंसर ही उनका लक्ष्य और भोजन हो।
CAR-T Cell Therapy vs कीमोथेरेपी: कौन बेहतर है कैंसर इलाज में ?
CAR-T Therapy वैज्ञानिक रूप से अधिक उन्नत और टारगेटेड है, लेकिन महंगी और सीमित उपलब्धता वाली है।
जबकि Chemotherapy पारंपरिक, किफायती और व्यापक रूप से इस्तेमाल होने वाला इलाज है, लेकिन इसके साइड इफेक्ट्स अधिक होते हैं।
What to eat to avoid cancer? Cancer se bachne ke liye kya khana chahiye ?
कैंसर से बचने के लिए वैसे तो अगर अपने ये ब्लॉग ठीक से पढ़ी होगी तो आपको सब समझ मे अ गया होगा की किन चीजों से दूर रहना चाहिए चलो अब आपको बताते है की क्या खाने से आपको कैंसर जैसी बीमारी छू भी नहीं सकती
जामुन: कैंसर से बचाव में सहायक जामुन में पाए जाते हैं:
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Anthocyanins
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Polyphenols
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Flavonoids
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ये तत्व एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम करते हैं और शरीर में फ्री रेडिकल्स को खत्म करते हैं, जो कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि को रोक सकते हैं।
आँवला : आंवला तो अंटीऑक्सीडेंट होता है किसी भी बीमारी के लिए आई के लिए बालों के बहुत लाभकारी है अगर आप इसके बारे मे ओर जानना चाहता है तो यह click krein आप हमारी आँवला वाली पोस्ट पर चले जाओगे |
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“हमारी जानकारी आपको कैसी लागि अगर अच्छी लगी हो तो आप हमारी बॅक POSTS भी पढ़ सकते है “हस्ते रहिए स्वस्थ रहे मस्त रहे क्युकी स्वस्थ ही जिंदगी का असली खजाना है “